अब AI से होगी वेटिंग टिकट की बुकिंग, स्लीपर यात्रियों के लिए नया नियम लागू Train ticket Booking 2026

भारतीय रेलवे ने साल 2026 की शुरुआत के साथ ही यात्रियों के लिए कई बड़े बदलाव लागू कर दिए हैं। इन नियमों का सबसे ज्यादा असर स्लीपर और एसी कोच में यात्रा करने वाले उन लोगों पर पड़ेगा जिनके पास कन्फर्म टिकट नहीं होता है। रेलवे अब Artificial Intelligence (AI) तकनीक का इस्तेमाल करके टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को आसान और सुरक्षित बना रहा है।

रेलवे का मुख्य उद्देश्य दलालों और फर्जी आईडी से होने वाली अवैध बुकिंग को रोकना है। नए नियमों के अनुसार, अब Aadhaar Verification को और भी कड़ा कर दिया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि आम जनता को बिना किसी परेशानी के कन्फर्म टिकट मिल सके और ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

अगर आप भी अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, तो आपको इन नए नियमों के बारे में जानना बहुत जरूरी है। अब चार्ट बनने के समय और वेटिंग टिकट के साथ यात्रा करने की शर्तों में भी बदलाव हुए हैं। आइए जानते हैं क्या है Train Ticket Booking 2026 का पूरा सच और नए अपडेट्स।

अब AI से होगी वेटिंग टिकट की बुकिंग (New AI Booking Rules 2026)

भारतीय रेलवे ने अपनी टिकट बुकिंग प्रणाली में Artificial Intelligence को शामिल किया है। अब AI यह अनुमान लगाएगा कि आपकी वेटिंग टिकट कन्फर्म होगी या नहीं। यह तकनीक पुराने डेटा और कैंसिलेशन पैटर्न का विश्लेषण करके यात्रियों को सही जानकारी प्रदान करेगी। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा प्लान करने में आसानी होगी।

इसके अलावा, स्लीपर यात्रियों के लिए नया नियम यह है कि अब स्लीपर और एसी कोच में केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्री ही प्रवेश कर सकेंगे। अगर आपके पास वेटिंग टिकट है, तो आपको रिजर्व्ड कोच में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसा करने पर रेलवे द्वारा भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।

Railway AI and Aadhaar Booking 2026 Overview

विवरण (Description)जानकारी (Details)
योजना/नियम का नामRailway AI and Aadhaar Booking Rules 2026
विभागभारतीय रेलवे (Ministry of Railways)
लागू होने की तिथिजनवरी 2026 से प्रभावी
मुख्य तकनीकArtificial Intelligence (AI)
अनिवार्य दस्तावेजआधार कार्ड (Aadhaar Card)
वेटिंग लिस्ट लिमिटकुल क्षमता का 25%
जुर्माना (Fine)₹250 से ₹440 तक
अग्रिम बुकिंग (ARP)60 दिन पहले

स्लीपर और एसी यात्रियों के लिए कड़े नियम (Strict Rules for Sleeper Class)

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि Sleeper Class Passengers के लिए अब पुराने तरीके से वेटिंग टिकट पर यात्रा करना संभव नहीं होगा। पहले कई यात्री काउंटर से वेटिंग टिकट लेकर रिजर्व्ड कोच में चढ़ जाते थे, जिससे भीड़ बढ़ जाती थी। अब नए नियम के तहत, ऐसे यात्रियों को केवल जनरल डिब्बे में ही सफर करना होगा।

यदि कोई यात्री वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर कोच में पाया जाता है, तो उसे अगले स्टेशन पर उतार दिया जाएगा और ₹250 तक का जुर्माना भी देना होगा। वहीं एसी कोच में यह जुर्माना ₹440 प्लस जीएसटी तक हो सकता है। यह नियम इसलिए लाया गया है ताकि कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।

आधार वेरिफिकेशन और तीन चरणों वाली बुकिंग (Aadhaar Based Booking System)

रेलवे ने फर्जीवाड़े को रोकने के लिए Aadhaar-Linked Booking System को अनिवार्य कर दिया है। अब IRCTC की वेबसाइट पर टिकट बुक करने के लिए आधार वेरिफिकेशन जरूरी है। रेलवे ने इसे तीन चरणों (Phases) में लागू किया है ताकि दलाल एक साथ कई टिकट बुक न कर सकें।

  • प्रथम चरण: सुबह 8 बजे से 12 बजे तक केवल आधार वेरिफाइड यूजर्स ही टिकट बुक कर पाएंगे।
  • द्वितीय चरण: 12 जनवरी 2026 से, एडवांस बुकिंग (ARP) के पहले दिन पूरे दिन आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य है।
  • तृतीय चरण: सभी प्रकार की ऑनलाइन बुकिंग के लिए ओटीपी वेरिफिकेशन को और अधिक सुरक्षित बनाया गया है।

इससे उन लोगों को फायदा होगा जो खुद अपना टिकट बुक करते हैं। AI-powered bot mitigation system अब उन सॉफ्टवेयर्स को ब्लॉक कर रहा है जिनका उपयोग दलाल जल्दी टिकट बुक करने के लिए करते थे।

चार्ट बनने के समय में बड़ा बदलाव (New Chart Preparation Timing)

यात्रियों की सुविधा के लिए अब ट्रेन का पहला रिजर्वेशन चार्ट (First Reservation Chart) ट्रेन छूटने के कम से कम 10 घंटे पहले तैयार कर लिया जाएगा। पहले यह समय केवल 4 घंटे का होता था। इस बदलाव से उन यात्रियों को फायदा होगा जिनकी टिकट वेटिंग में है।

अब यात्रियों को अपनी यात्रा शुरू करने से बहुत पहले ही पता चल जाएगा कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। अगर टिकट कन्फर्म नहीं होता है, तो वे अपनी यात्रा को कैंसिल कर सकते हैं या किसी अन्य विकल्प को चुन सकते हैं। इससे आखिरी समय की अफरा-तफरी से बचा जा सकेगा।

वेटिंग लिस्ट की सीमा तय (Waiting List Limit in 2026)

अब रेलवे ने लंबी दूरी की ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट की संख्या को भी सीमित कर दिया है। पहले वेटिंग लिस्ट 200-300 तक पहुँच जाती थी, जिससे कन्फर्म होने की उम्मीद ना के बराबर रहती थी। अब रेलवे केवल कुल सीटों के 25% तक ही वेटिंग टिकट जारी करेगा।

एक बार यह सीमा पूरी हो जाने पर “No Room” का मैसेज आ जाएगा और आगे की बुकिंग बंद कर दी जाएगी। इससे सिस्टम पर दबाव कम होगा और यात्रियों को भी गलतफहमी नहीं रहेगी कि उनकी वेटिंग टिकट कन्फर्म हो सकती है।

नए नियमों के मुख्य बिंदु (Key Highlights of New Rules)

  • AI Technology: टिकट कन्फर्मेशन के चांस बताने के लिए AI का उपयोग।
  • Fine for Waiting Ticket: स्लीपर में वेटिंग टिकट के साथ यात्रा पर ₹250 का जुर्माना।
  • Aadhaar Link: बिना आधार लिंक के सुबह के समय बुकिंग पर पाबंदी।
  • Reduced ARP: अब आप 120 दिन के बजाय 60 दिन पहले ही टिकट बुक कर सकते हैं।
  • No RAC in Vande Bharat: वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में केवल कन्फर्म टिकट ही मिलेंगे, RAC का नियम खत्म।
  • Bedroll Services: स्लीपर क्लास में भी अब यात्री भुगतान करके बेडरोल की सुविधा ले सकते हैं।

डिजिटल इंडिया और रेलवे का आधुनिकीकरण

भारतीय रेलवे अब पूरी तरह से Digital Transformation की ओर बढ़ रहा है। AI के जरिए न केवल टिकट बुकिंग बल्कि ट्रेनों के मेंटेनेंस और सफाई पर भी नजर रखी जा रही है। रेलवे ने करोड़ों फर्जी अकाउंट्स को बंद कर दिया है ताकि सर्वर पर लोड कम हो और असली यात्रियों को आसानी से सीट मिल सके।

आने वाले समय में Vande Bharat Sleeper और Amrit Bharat जैसी ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि यात्रियों को जनरल और स्लीपर में भी बेहतरीन सुविधाएं मिल सकें। रेलवे का लक्ष्य है कि 2027 तक किसी भी यात्री को वेटिंग लिस्ट की समस्या न झेलनी पड़े।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी वर्तमान समाचार अपडेट्स और रेलवे के हालिया बदलावों पर आधारित है। हालांकि AI का उपयोग टिकट भविष्यवाणी (Prediction) और सुरक्षा के लिए किया जा रहा है, लेकिन ‘AI से वेटिंग टिकट बुकिंग’ का मतलब यह नहीं है कि AI खुद आपके लिए टिकट बुक कर देगा। 

इसका मतलब यह है कि बुकिंग सिस्टम में AI तकनीक का उपयोग पारदर्शिता के लिए किया जा रहा है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी यात्रा से पहले IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर नियमों की पुष्टि जरूर कर लें। सोशल मीडिया पर चल रही ‘बिना पैसे के टिकट’ या ‘ऑटो-कन्फर्म’ जैसी अफवाहों से सावधान रहें।

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